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अगर अधर्मी सिर्फ़ समझाने से समझते तो बांसुरी बजाने वाला कभी महाभारत नहीं होने देता।

GauravRajput.com

Comments:

जुआ खेलना तो एक वज्य थी अधर्म तो बहुत पहले से चल रहा था।

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