search
  • Home
  • Quote
  • समझ नहीं पा रहा हूं क्या लिखूं अब नई डायरी में, जो कुछ भी था, लिख दिया मैंने अपनी पुरानी में।

समझ नहीं पा रहा हूं क्या लिखूं अब नई डायरी में, जो कुछ भी था, लिख दिया मैंने अपनी पुरानी में।

पुराने साल की डायरी अभी रखी है
नई साल की लेकर क्या करूं, क्या लिखूं?

तलवे अब भी सूजे हैं पुराने छाले बाक़ी हैं
कैसे भला नई राह पर मैं चल पडूं?

पुराना अभी बहुत कुछ बाकी है मेरे भीतर
उसे कहां हटाऊं, नए को कहां जगह दूं?

पुराना अभी बहुत कुछ बक़ाया है मिलना
फिर कैसे और नए-नए उधार करूं?

ज़िंदा हूं लेकिन अभी तो जीना बाक़ी है
जब जिया ही नहीं अब तक, तो कैसे मरूं?

Leave a Reply

Share it on your social network:

Or you can just copy and share this url
Related Posts